अध्यक्ष
श्री बलविंदर सिंह भुल्लर ने 8 जुलाई, 2019 को भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला।
श्री भुल्लर, अमृतसर, पंजाब से हैं और उनका शैक्षिक कैरियर असाधारण है। बी.एससी (ऑनर्स) और कृषि विज्ञान में एम.एस.सी करने के पश्चात, वे 1986 में उत्तर प्रदेश काडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार में आईएएस अधिकारी के रूप में श्री भुल्लर ने प्रशासन, उद्योग, वित्त, विद्युत, शहरी विकास, परिवहन, नागर विमानन आदि विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उत्तर प्रदेश सरकार में उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट- गाजियाबाद और कानपुर नगर; नगरपालिका आयुक्त, वाराणसी; उत्तर प्रदेश वित्त निगम में संयुक्त प्रबंध निदेशक; सचिव, सिंचाई और जल संसाधन; परिवहन एवं वित्त विभागों के प्रधान सचिव; चतुर्थ उत्तर प्रदेश राज्य वित्त आयोग के सदस्य आदि के रूप में काम किया। भारत सरकार में उन्होंने 13वें केंद्रीय वित्त आयोग में संयुक्त सचिव; वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग में संयुक्त सचिव; नागर विमानन मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अपर सचिव के रूप में और अंत में मई, 2019 में सरकारी सेवा से सेवा-निवृत्त होने से पूर्व नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) के रूप में कार्य किया। उन्होने भारत एवं विदेशों में आयोजित कई प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लिया।
श्री यशवंत एस. भावे
अध्यक्ष
श्री यशवंत एस. भावे सेवा निवृत्त आईएएस अधिकारी (1972 बैच, महाराष्ट्र कॉडर) ने इलैक्ट्रॉनिक्स में विशेषज्ञता के साथ विज्ञान में मास्टर तथा हॉवर्ड यूनिवर्सिटी से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 01 अगस्त, 2009 से भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) के प्रथम अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला।
ऐरा में कार्यग्रहण के समय श्री भावे, विभिन्न पदों पर 37 वर्ष के कार्य का अनुभव प्राप्त थे तथा उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में महाराष्ट्र ओद्यौगिक विकास निगम के सीईओ, स्टेट प्रिंसिपल कॉरर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, राज्य बिजली बोर्ड, विकास आयोग (उद्योग) के अध्यक्ष जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे भारत सरकार में उद्योग विभाग में प्रधान सचिव तथा सूचना प्रौद्योगिकी, प्रशासनिक सुधार, पेंशन और लोक शिकायत विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। साथ ही उन्होंने विशेष सचिव, दूरसंचार तथा सचिव, दूर संचार आयोग के रूप में भी कार्य किया। ऐरा के अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति पूर्व वे उपभोक्ता कार्य विभाग, भारत सरकार में सचिव थे। ऐरा में उनका कार्यकाल 15 जुलाई, 2014 को पूर्ण हो गया।
श्री एस. मच्छेन्द्रनाथन
अध्यक्ष
श्री एस. मच्छेन्द्रनाथन ने दिनांक 9 मार्च, 2015 को भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण में अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया।
श्री मच्छेन्द्रनाथन तमिलनाडु स्थित तिरूनलवेली जिले से थे और उनका असाधारण शैक्षिक कैरियर था। कोचीन विश्वविद्यालय से एमबीए पूर्ण करने के बाद 1977 में वे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में आए और उसके बाद 1979 में उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का कार्य संभाला।
तमिलनाडु संवर्ग के आईएएस अधिकारी श्री एस. मच्छेन्द्रनाथन ने तमिलनाडु सरकार और भारत सरकार में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। तमिलनाडु सरकार में वे तंजावुर जिले के कलेक्टर एवं परिवहन, खाद्य, सहकारिता और उपभोक्ता संरक्षण विभागों में आयुक्त/सचिव तथा तमिलनाडु बिजली बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। भारत सरकार में उन्होंने तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष, इस्पात मंत्रालय तथा नागर विमानन मंत्रालय में अपर सचिव और वित्त सलाहकार का पद भी संभाला तथा मार्च, 2014 में सरकारी सेवा से अधिवर्षिता से पूर्व मंत्रिमंडल सचिवालय में सचिव (समन्वय) के रूप में भी कार्य किया।
उन्होंने एयर इंडिया, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड, कुद्रेमुख आयरन ओर कंपनी लिमिटेड और मेटालर्जिकल एंड इंजीनियरिंग कंसलटेंट्स (इंडिया) लिमिटेड जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी निदेशक के रूप में भी कार्य किया।
सदस्य
श्री एस. के. व्यवहारे ने 01 नवम्बर, 2021 को भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) के सदस्य के रूप में कार्य ग्रहण किया। उन्होंने 1983 में प्रौद्योगिकी संस्थान, बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी से सिविल इंजीनियरी में बी. टेक की उपाधि प्राप्त की। साथ ही सितम्बर, 2011 में प्रबंधन विकास संस्थान, गुड़गांव द्वारा संचालित 30 दिवसीय उच्च प्रबंधन कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रारंभ में श्री व्यवहारे ने गैमन इंडिया लिमिटेड में चार वर्ष तक कार्य किया। 1989 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) में सहायक कार्यपालक इंजीनियर के रूप में कार्य ग्रहण करने के बाद वे कार्यपालक निदेशक, अभियांत्रिकी के पद पर आसीन हुए।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में श्री व्यवहारे ने इलाहाबाद स्थित नागर विमानन प्रशिक्षण केन्द्र, उत्कृष्टता केन्द्र का कार्य किया। भोपाल और इंदौर हवाईअड्डों पर नए विस्तार योग्य मॉड्यूलर एकीकृत टर्मिनल भवन का कार्य संपादित किया। भोपाल हवाईअड्डे और इंदौर हवाईअड्डे को इस्पात विकास एवं संवृद्धि संस्थान द्वारा आयोजित संरचनात्मक इस्पात डिजाइन और निर्माण व्यवसायी राष्ट्रीय प्रतियोगिता, 2010-11 में क्रमश: प्रथम एवं द्वितीय रैंक प्रदान की गई। श्री व्यवहारे को इंदौर टर्मिनल भवन के लिए इकोनॉमिक रिसर्च इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित “सुप्रीम इंजीनियर (SUPREME ENGINEER)” पुरस्कार 2012 और भोपाल टर्मिनल भवन के लिए इंडियन बिल्डिंग्स कॉंग्रेस पुरस्कार ‘आईबीसी ट्रॉफी-2011’ प्रदान किया गया।
श्री व्यवहारे को इंजीनियरी सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए 15 सितम्बर, 2012 को भारतीय विमानपत्त्न प्राधिकरण के अध्यक्ष की ओर से ‘श्री विश्वेश्वरैया पुरस्कार’ प्रदान किया गया।
सदस्य
श्री एस. सामंता ने दिनांक 17 नवम्बर, 2016 को भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) में सदस्य का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय से वाणिज्य में डिग्री प्राप्त की और वे भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान के सदस्य भी थे।
श्री एस. सामंता भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) में आने से पहले भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में कार्यपालक निदेशक (जेवीसी/टैरिफ) के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने 1985 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में कार्यग्रहण किया था और वहां अपने कार्यकाल के दौरान वे वित्त और वाणिज्यिक विभागों में कई जिम्मेदार पदों पर रहे। वे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में टैरिफ डिवीजन और संयुक्त उद्यम मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी भी रहे।
श्री सामंता ने 1985 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में अपने कैरियर की शुरूआत की और उन्हें विमानन क्षेत्र में लगभग 32 वर्ष का अनुभव था। उनको हवाईअड्डा क्षेत्र में वित्तीय प्रबंधन, हवाईअड्डों के टैरिफ निर्धारण और हवाईअड्डा क्षेत्र में पी.पी.पी. परियोजना के अनुवीक्षण (मॉनीटर करने) के बारे में व्यापक अनुभव और जानकारी थी।
सदस्य
श्री. सुधीर रहेजा, सिविल इंजीनियरिंग स्नातक, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दिल्ली विश्वविद्यालय ने दिनांक 02 जुलाई, 2018 को ऐरा के सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण किया। इन्होंने आईआईटी कानपुर द्वारा संचालित ‘‘प्रबलित कंक्रीट बिल्डिंग के भूकंपीय डिजाईन’’ और इंटरनेशनल एविएशन मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (आईएएमटीआई) मॉन्ट्रियल, कनाडा से ‘‘एयरपोर्ट प्रबंधन’’ में व्यवासायिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। ये एसोसिएशन ऑफ सर्टिफाईड एगजामिनर्स, टेक्साज़, यूएसए के प्रत्यायन (Accreditation) के अधीन प्रमाणित ‘‘फ्रॉड एगजामिनर’’ भी हैं।
श्री रहेजा को समृद्ध परियोजना कार्यान्वयन अनुभव है, इन्होंने निर्माण उद्योग में कई पुरस्कार अर्जित किए हैं। उन्हें एशियाड- (एएसआईएडी) - 82 इंडोर स्टेडियम, दिल्ली के समय पर पूरा होने के लिए 1982 में सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट प्रदान किया गया और मारूति उद्योग लिमिटेड, गुडगांव के लिए उत्कृष्टता और समय पर पूरा करने के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया गया। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) में उन्होंने वर्ष 1988 से अपने 30 साल के लंबे विशिष्ट करियर को एक कार्यकारी अभियंता (सिविल) के रूप में शुरू किया : इंजिनियरी, सर्तकता और परियोजना मानीटर और गुणवत्ता आश्वासन जैसे विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं प्रदान की। ये सदस्य (योजना) के रूप में वर्ष 2010 से जून, 2018 में उनकी अधिवर्षिता तक एएआई बोर्ड के पूर्णकालिक सदस्य रहे। ये एएआई में सभी हवाईअड्डों द्वारा अंगीकृत ‘‘वार्षिक अनुरक्षण टर्म संविदा’’ और ‘‘पेंवमेंट मेजेमेंट सिस्टम’’ के दस्तावेजों को प्रतिपादित करने में प्रेरक स्त्रोत रहे। ये अपने कार्यकाल में सर्तकता विभाग में महाप्रबंधक (सर्तकता) के रूप में सार्वजनिक खरीद से संबंधित विभिन्न गतिविधियों मे पारदर्शिता लाए और उच्च मूल्य खरीद संविदाओं में “इंटीग्रिटी पैक्ट” के विकास और कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सदस्य (योजना) के रूप में इनके कार्यकाल के दौरान, एएआई हवाईअड्डों पर टर्मिनल और वायुमार्ग दोनों में हवाईअड्डे की आधारभूत सुविधाओं के मामले में दुनिया के सर्वोतम हवाईअड्डों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए अत्याधुनिक हवाईअड्डे के रूप में बड़े पैमाने पर परिवर्तन किए गए। इन्हें ‘इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में उत्कृष्ट योगदान’ के लिए ‘द इकानॉमिक टाईम्स’ (इन्फ्रा फोकस) द्वारा “मान्यता प्रमाणपत्र ” (सर्टिफिकेट ऑफ रेकोगानिशन) प्रदान किया गया था।
श्री. रहेजा ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल); मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) और कैपेंगोडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, बैंगलुरू (बीआईएएल) के बोर्ड के सदस्य के रूप में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व किया है; और हरियाणा और पंजाब राज्य सरकारोंऔर एएआई की संयुक्त उद्यम कंपनी चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (सीएचआईएएल) के अध्यक्ष भी रहे हैं।
सदस्य
श्री एन. शंकर 6 वर्ष से अधिक समय तक भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) के कार्यपालक निदेशक रहे। वे अक्तूबर, 2011 से अक्तूबर, 2014 तक तीन वर्ष तक एक्जिम बैंक से प्रतिनियुक्ति पर केन्द्र सरकार के अपर सचिव ग्रेड में ईसीजीसी लिमिटेड (पूर्व में भारतीय निर्यात क्रेडिट गारंटी निगम लिमिटेड) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक रहे और इसी अवधि में वे एक्जिम बैंक के निदेशक थे। श्री शंकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के छ: (06) वर्ष और 30 वर्ष से भी अधिक समय तक एक्जिम बैंक तथा तीन वर्ष के ईसीजीसी लिमिटेड के कार्य सहित 39 वर्ष से भी अधिक अवधि के वित्तीय क्षेत्र में विविध प्रकार का अनुभव प्राप्त थे। वे एक्जिम बैंक की स्थापना के समय से ही वहां तैनात रहे। श्री शंकर को टर्म लैंडिंग, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वित्त पोषण और निर्यात क्रेडिट बीमा में शीर्ष स्तर का अनुभव था। वे कॉर्पोरेट क्रेडिट, एसएमई क्रेडिट, अंतरदेशीय/अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निधियां जुटाने, निर्यात क्रेडिट बीमा, एकीकृत राजकोष, जोखिम प्रबंधन, एमआईएस, आईटी, कॉर्पोरेट खाते और विनियामक अनुपालन क्षेत्रों के विशेषज्ञ और अनुभवी थे।
श्री शंकर मद्रास विश्वविद्यालय से स्नातक में गणित रैंक धारक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स (सीएआईआईबी) के एक प्रमाणित सहयोगी और आईसीएफएआई से चार्टर्ड वित्तीय विश्लेषक (सीएफए) रहे हैं।
श्री शंकर चुनौतीपूर्ण समय में संस्था निर्माण में शामिल रहे। वे बातचीत कौशल, नीतियां और प्रक्रियाएं तैयार करने, मजबूत प्रणालियों के कार्यान्वयन और नियंत्रण, नई पहल विशेषकर ब्रांड बिल्डिंग को आकार देने और कार्यान्वित करने, मानव संसाधन प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी और भारत में कार्यालयों के नेटवर्क का विस्तार करने के प्रमाणित विशेषज्ञ थे।
श्री एम. पी. विजय कुमार
सदस्य
एयर इंडिया के पूर्व कार्यपालक निदेशक (फ्लीट और नेटवर्क योजना) ने 11.03.2010 को भारतीय विमानपनत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण में सदस्य के रूप में कार्य ग्रहण किया। प्रारंभ में इंडियन एयरलाइंस की तीन दशकों की और दोनों एयरलाइनों का विलय होने के बाद एयर इंडिया की अपनी सेवा में उन्होंने यातायात पूर्वानुमान, एयरलाइन नेटवर्क विकास, उड़ान संबंधी समय-सारणी तैयार करने, हवाईअड्डो के साथ समन्वय, बेड़े के आधुनिकीकरण, आर्थिक विशलेषण और एमआईएस विकास जैसे एयरलाइन प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभाई।
श्री. एम.पी. विजय कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक्स में विेशेषज्ञता के साथ भौतिकी में एम.एससी डिग्री प्राप्त की। उन्होंने प्रचालन अनुसंधान में विशेषज्ञता के साथ सांख्यिकी में एमसीसी की डिग्री भी प्राप्त की। उन्होंने 17 सितम्बर, 2012 को ऐरा में अपना कार्यकाल पूर्ण किया।
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