(1) महिलाओं का कार्य स्थल पर यौन-उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 की धारा 2 (ढ) में यह प्रावधान है कि निम्नलिखित कोई एक या अधिक अवांछनीय कार्य या व्यवहार (चाहे प्रत्यक्ष रूप से या विवक्षित रूप से) अर्थात;-
(i) शारीरिक संपर्क और अग्रगमन ; या
(ii) लैंगिक अनुकुलता की मांग या अनुरोध करना ; या
(iii) लैंगिक अत्युक्त टिप्पणियां करना; या
(iv) अश्लील साहित्य दिखाना;या
(v) लैंगिक प्रकृति का कोई अन्य अवांछनीय शारीरिक, मौखिक या अमौखिक आचरण करना
कार्य स्थल पर यौन-उत्पीड़न की कोटि में आ सकेगा।
इसके अतिरिक्त अधिनियम की धारा 2 (ण) के अनुसार कार्य-स्थल के अंतर्गत निम्नलिखित भी है:
(i) ऐसा कोई विभाग कोई संगठन, उपक्रम, स्थापन, उद्यम, संस्था, कार्यालय, शाखा या यूनिट, जो समुचित सरकार या स्थानीय प्राधिकरण या किसी सरकारी कंपनी या निगम या सहकारी सोसाइटी द्वारा स्थापित, उसके स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन या पूर्णत: या सारत: उसके द्वारा प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: उपलब्ध कराई गई निधियों द्वारा वित्तपोषित की जाती है;
(ii) कोई प्राइवेट सेक्टर संगठन या किसी प्राइवेट उद्यम, उपक्रम, उद्यम, संस्था, स्थापन, सोसाइटी, न्यास, गैर-सरकारी संगठन, यूनिट या सेवा प्रदाता, जो वाणिज्यिक, वृत्तिक, व्यावसायिक, शैक्षिक, मनोरंजक, औद्योगिक, स्वास्थ्य सेवाएं या वित्तीय क्रियाकलाप करता है, जिनके अंतर्गत उत्पादन, आपूर्ति, विक्रय, वितरण या सेवा भी है;
(iii) अस्पताल या परिचर्या गृह;
(iv) प्रशिक्षण, खेल-कूद या उनसे संबंधित अन्य क्रियाकलापों के लिए प्रयुक्त, कोई खेलकूद संस्थान, स्टेडियम, खेलकूद प्रक्षेत्र या प्रतिस्पर्धा या क्रीड़ा का स्थान, चाहे आवासीय है या नहीं;
(v) नियोजन से उदभूत या उसके प्रक्रम के दौरान कर्मचारी द्वारा परिदर्शित कोई स्थान जिसके अंतर्गत ऐसी यात्रा करने के लिए नियोजक द्वारा उपलब्ध कराया गया परिवहन भी है;
(vi) कोई निवास स्थान या कोई गृह;
इसके अतिरिक्त अधिनियम की धारा 3, जो यौन-उत्पीड़न के निवारण से संबंधित है, में भी यह प्रावधान है कि
(1) किसी भी महिला का किसी कार्यस्थल पर यौन-उत्पीड़न नहीं किए जाएगा।
(2) अन्य परिस्थितियों में निम्नलिखित परिस्थितियां, यदि वे यौन उत्पीड़न के किसी कार्य या आचरण के संबंध में होती हैं या विद्यमान हैं या उससे संबद्ध है, यौन-उत्पीड़न की कोटि में आ सकेंगी:-
(i) उसके नियोजन में अधिमानी व्यवहार का विवक्षित या सुस्पष्ट वचन देना ; या
(ii) उसके नियोजन में अहितकर व्यवहार की विवक्षित या सुस्पष्ट धमकी देना ; या
(iii) उसके वर्तमान या भावी नियोजन की प्रास्थिति के बारे में विवक्षित या सुस्पष्ट धमकी देना; या
(iv) उसके कार्य में हस्तक्षेप करना या उसके लिए अभित्रासमय या संतापकारी या प्रतिकूल कार्य वातावरण सृजित करना ; या
(v) उसके स्वास्थ्य या सुरक्षा को प्रभावित करने की संभावना वाला अपमानजनक व्यवहार करना।
यदि उपर्युक्त धारा 2 (ण) या धारा 3 में ऊपर उल्लिखित कोई भी स्थिति धारा 2 (ढ) में उल्लिखित किसी भी स्थल पर विद्यमान है तो यह कार्य स्थल पर यौन-उत्पीड़न की परिभाषा में आएगी और व्यथित महिला अधिनियम की धारा 9 के प्रावधान के अनुसार परिवाद दर्ज करा सकती है, जो इस प्रकार है:-
(1) कोई व्यथित महिला, कार्य स्थल पर यौन-उत्पीड़न का परिवाद, घटना की तारीख से 3 मास की अवधि के भीतर और श्रृंखलाबद्ध घटनाओं की दशा में अंतिम घटना की तारीख से 3 मास की अवधि के भीतर, लिखित में, आंतरिक समिति को, यदि इस प्रकार गठित की गई है या यदि इस प्रकार गठित नहीं की गई है तो स्थानीय समिति को कर सकेगी; परंतु जहां ऐसा परिवाद लिखित में नहीं किया जा सकता है वहां यथास्थिति, आंतरिक समिति का पीठासीन अधिकारी या कोई सदस्य, या स्थानीय समिति का अध्यक्ष या कोई सदस्य महिला को लिखित में परिवाद करने के लिए सभी युक्तियुक्त सहायता प्रदान करेगा; परंतु यह और कि, यथास्थति, आंतरिक समिति या स्थानीय समिति, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से तीन मास से अनधिक की समय-सीमा को विस्तारित कर सकेगी, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि परिस्थितियां ऐसी थी, जिसने महिला को उक्त अविधि के भीतर परिवाद फाइल करने से निवारित किया था।
(2) जहां व्यथित महिला अपनी शारीरिक या मानसिक असमर्थता या मृत्यु के कारण या अन्यथा परिवाद करने में असमर्थ है वहां उसका विधिक वारिस या ऐसा अन्य व्यक्ति जो विहित किया जाए, इस धारा के अधीन परिवाद कर सकेगा।
यौन-उत्पीड़न निवारण अधिनियम, 2013 के प्रावधानों और समय-समय पर केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए ऐरा ने आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
| नाम | पदनाम | समिति के सदस्य | ई-मेल | दूरभाष संख्या |
|---|---|---|---|---|
| सुश्री मीनू कपिल |
निदेशक, डीजीसीए |
नागर विमानन महानिदेशालय |
meenu.dgca@nic.in |
8860918045 |
| श्री सुभाष चन्द | सचिव (वित्त एवं लेखा) | सदस्य | usfa[at]aera[dot]gov[dot]in | 9717943630 |
| श्री मणि भूषण | सहायक अनुभाग अधिकारी (सामान्य प्रशासन) | सदस्य | mani[dot]1986[at]aera[dot]gov[dot]in | 8882318555 |
| श्रीमती मंजुला मेहता | परामर्शदाता (राजभाषा) | सदस्य | aerahindiconsultant204[at]gmail[dot]com | 9868586317 |
| श्रीमती श्वेता भारती | एडवोकेट | बाह्य सदस्य | shweta[dot]bharti[at]hammurabisolomon[dot]com | 9811020612 |
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