प्राधिकरण

श्री सुधीर कुमार गंगाधर रहाटेश्री एस. के. जी. रहाटे

अध्‍यक्ष

श्री एस. के. जी. रहाटे ने 14 मई, 2024 को भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। श्री रहाटे झारखंड संवर्ग (कॉडर) के 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग की स्नातक डिग्री प्राप्त की है।

श्री रहाटे ने प्रारंभ में जिला, फिर राज्य सचिवालय और तत्पश्चात भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के लोक प्रशासन का व्यापक एवं विशिष्ट अनुभव प्राप्त किया है। साथ ही साथ उन्होंने तीन दशकों से भी अधिक समय लोक सेवा में लगाकर अपना असाधारण कैरियर बनाया है। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर, नवादा, बिहार और उपायुक्त एवं कलेक्टर, पश्चिम सिंहभूम, चाईबासा, झारखंड के रूप में कार्य किया। अपने संवर्ग में वे प्रधान सचिव, ऊर्जा; प्रधान सचिव, श्रम एवं रोज़गार, तथा गृह सचिव, झारखंड के पद पर भी रहे हैं। भारत सरकार में उन्होंने निदेशक, गृह मंत्रालय; निदेशक ग्रामीण विकास मंत्रालय; संयुक्त सचिव, कृषि मंत्रालय; वित्त आयुक्त, ईएसआईसी, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय; अपर सचिव, ऊर्जा मंत्रालय और अंत में 30 अप्रैल, 2024 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने से पूर्व सचिव, न्याय विभाग, विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार के पद पर लगभग 2 वर्षों तक कार्य किया हैं।

श्री रहाटे ने उप जिला/जिला स्तर पर कार्यक्रम कार्यान्वयन और विकास/कल्याण प्रशासन का कार्य करने के साथ-साथ राज्य सरकार/भारत सरकार में योजना संकल्पना, प्रतिपादन और मॉनीटरिंग का कार्य किया है। इसके बाद उन्होंने भारत सरकार के कृषि/ऊर्जा/न्याय मंत्रालय में नीति निर्धारण का कार्य किया है। उन्हें अवसंरचना विभागों का अच्छा अनुभव है और सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न उपक्रमों जैसे कि डीवीसी, पावर ग्रिड, एनएचपीसी, आरईसी, पीएफसी, राष्ट्रीय बीज निगम, नारियल विकास बोर्ड के निगमित कामकाज़ का भी व्यापक अनुभव प्राप्त है, जहां वे निदेशक मंडल के सदस्य रहे हैं। जहां तक विनियामक मुद्दों का संबंध है उन्होंने बिजली वितरण कंपनी, बिजली उत्पादन कंपनी, बिजली संचरण कंपनी के विभिन्न विनियामक मुद्दों तथा अपीलों के संबंध में राज्य विद्युत विनियामक आयोग, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग और विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपटेल) की कार्यप्रणाली की गहन जानकारी प्राप्त की हैं।


Shri S.K. Vyawahare[खाली]

सदस्‍य







श्रीमति वी. विद्याश्रीमति वी. विद्या

Member

श्रीमति वी. विद्या ने 10 मई, 2024 को (पूर्वाह्न) भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण के सदस्य के रूप में पदभार संभाला।

श्रीमती वी. विद्या ने बैंगलौर विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) डिग्री प्राप्त की और उन्होंने भारतीय लागत एवं कार्य लेखाकार संस्थान से लागत लेखाकार की विशेषज्ञता हासिल की।

श्रीमती वी. विद्या को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अनेक हवाईअड्डों/क्षेत्रीय मुख्यालयों/भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के निगमित मुख्यालय की समग्र वित्त व्यवस्था और लेखा संबंधी कार्यों को संभालने का 34 वर्ष का व्यापक अनुभव है।

भारतीय विमानपत्‍तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा) में कार्य ग्रहण करने से पूर्व वे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के निगमित मुख्यालय में कार्यकारी निदेशक (वित्त) के पद पर तैनात थीं और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के संयुक्त उद्यम सेल और टैरिफ विनियामक सेल की प्रभारी रही हैं। वे डायल, मायल, डीआईएसीएल और एएआईसीएलएएस के मंडल (बोर्ड) में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व करती रही हैं।

श्रीमती वी. विद्या ने विमानपत्तन प्रबंधन व्यावसायिक प्रत्यायन कार्यक्रम (एयरपोर्ट मैनेजमेंट प्रोफेशनल एक्रीडिटेशन प्रोग्राम (एएमपीएपी) पूर्ण किया है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन- आईसीएओ) के सहयोग से एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा आईएपी (इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोफेशनल) का सम्मान प्रदान किया गया है। इसके साथ-साथ वे अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के विभिन्न कार्य दलों में शामिल रही हैं और उन्होंने इकाओ असेंबली के 39वें सत्र में हवाईअड्डों की गैर-आर्थिक व्यवहार्यता और परस्पर सब्सिडी पर आधार पत्र भी प्रस्तुत किया है। साथ ही वे एसीआई - एशिया-प्रशांत आर्थिक समिति की समिति सदस्य भी हैं।